भारत में 1931 के बाद पहली बार जनगणना में जाति की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। यह कदम आरक्षण नीतियों की खामियों को दूर करने के लिए उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने SC, ST, और OBC के भीतर उप-वर्गीकरण की इजाजत दी है। लेकिन इस प्रक्रिया की सफलता के लिए सर्वसम्मति और स्पष्ट दिशा













