नाबार्ड सर्वे के अनुसार, 2016-17 से 2021-22 के बीच ग्रामीण परिवारों की औसत मासिक आय में 57% की बढ़ोतरी हुई है। इस अवधि में मासिक आय ₹8,059 से बढ़कर ₹12,698 हो गई। इसके साथ ही खर्च, बचत और कर्ज में भी बदलाव हुआ है।
BulletsIn
- ग्रामीण परिवारों की आय ₹8,059 से बढ़कर ₹12,698 हो गई।
- परिवारों का खर्च ₹6,600 से बढ़कर ₹11,200 हो गया।
- बचत ₹9,100 से बढ़कर ₹13,200 हो गई।
- 2021-22 में 66% परिवारों ने बचत की, पहले 50.6% थे।
- कर्जग्रस्त परिवारों का प्रतिशत 47% से बढ़कर 52% हुआ।
- ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समृद्धि के संकेत।
- कर्ज में वृद्धि का मतलब है कि ऋण तक पहुँच बढ़ी।
- नाबार्ड ने दूसरा अखिल भारतीय ग्रामीण वित्तीय समावेशन सर्वेक्षण किया।
- यह डेटा ग्रामीण भारत में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाले रुझानों को दर्शाता है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.