राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की शर्मिला धनकर ने महिला एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि शिल्पा शायला ने कांस्य पदक हासिल कर भारत को पहली बार किसी पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में दोहरे पदक की ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई।
BulletsIn
- शर्मिला धनकर ने महिला एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में 9.81 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय पैरा एथलेटिक्स के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।
- शिल्पा शायला ने 7.26 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को पहली बार एक ही पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में दो पदक दिलाए।
- शर्मिला धनकर की जीत राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा एथलेटिक्स वर्ग में भारत का पहला स्वर्ण पदक है तथा इसके साथ ही इस स्पर्धा में 20 वर्षों बाद भारत ने पदक जीतने का गौरव प्राप्त किया।
- यह पहली बार है जब भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की किसी एक पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में दो पदक जीतकर अपनी बढ़ती खेल क्षमता का प्रदर्शन किया है।
- हरियाणा के छितरोली गांव की रहने वाली शर्मिला धनकर ने बचपन में पोलियो, व्यक्तिगत संघर्षों और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैरा खिलाड़ी बनने तक का प्रेरणादायक सफर तय किया।
- वर्ष 2020 में प्रशिक्षण शुरू करने के बाद वह 2021 में राष्ट्रीय चैंपियन बनीं, अनेक राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए और एफ57 वर्ग में देश की शीर्ष पैरा एथलीट के रूप में अपनी पहचान बनाई।
- शिल्पा शायला का कांस्य पदक भारत के पैरा एथलेटिक्स कार्यक्रम की बढ़ती गहराई और वैश्विक स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
- यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत में पैरा खेलों के विकास, खिलाड़ियों को मिल रहे बेहतर प्रशिक्षण और समावेशी खेल संस्कृति की सफलता का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जा रही है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.