अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में है। तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांग के साथ, भारत की आर्थिक वृद्धि कारों की बढ़ती संख्या, निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों से प्रेरित है। IEA की वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2024 रिपोर्ट भारत की वैश्विक ऊर्जा मांग और आर्थिक विकास में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
BulletsIn
- भारत 2035 तक प्रतिदिन 12,000 से अधिक कारें जोड़ने वाला है।
- निर्मित क्षेत्र प्रतिवर्ष 1 अरब वर्ग मीटर से अधिक बढ़ेगा।
- 2035 तक एयर-कंडीशनर की बिजली मांग मेक्सिको की कुल बिजली खपत से अधिक होगी।
- 2035 तक तेल की मांग प्रति दिन लगभग 2 मिलियन बैरल बढ़ेगी।
- 2028 तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना।
- 2023 में भारत ने चीन को पछाड़कर सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया।
- ऊर्जा आपूर्ति 2023 में 45.4 EJ से बढ़कर 2050 तक 70.5 EJ होगी (STEPS)।
- 2050 तक प्राकृतिक गैस की मांग 172 bcm तक बढ़ेगी; कोयला घटेगा लेकिन मुख्य भूमिका में रहेगा।
- चुनौतियां: सार्वभौमिक स्वच्छ खाना पकाने की पहुंच, आयात में कमी और ऊर्जा की विश्वसनीयता।
- 2035 तक APS परिदृश्य में भारत के CO2 उत्सर्जन 25% कम होने की उम्मीद।





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