लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास तथा सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।
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- लद्दाख में नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास को नए जिले बनाए गए हैं, जिससे कुल जिलों की संख्या सात हो गई है और प्रशासनिक ढांचा अधिक सुदृढ़ हुआ है।
- यह निर्णय उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा लिया गया, जिसका उद्देश्य विकेंद्रीकरण के माध्यम से शासन को अधिक प्रभावी और नागरिकों के करीब बनाना है।
- पहले केवल लेह और कारगिल जिले होने के कारण विशाल क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था, जिसे अब बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
- लगभग 86,904 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला लद्दाख भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है, जहां कम जनसंख्या घनत्व और दुर्गम स्थलाकृति प्रशासन को जटिल बनाती है।
- नए जिलों के गठन से स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और अन्य सरकारी सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा और नागरिकों को अधिक त्वरित लाभ मिल सकेगा।
- इस प्रस्ताव को अगस्त 2024 में गृह मंत्रालय द्वारा अमित शाह के नेतृत्व में मंजूरी दी गई थी, जिससे इसकी नीति स्तर पर स्वीकृति सुनिश्चित हुई।
- इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर, बुनियादी ढांचे का विस्तार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
- यह निर्णय रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि लद्दाख की सीमाएं चीन और पाकिस्तान से लगती हैं, जहां मजबूत प्रशासन और विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।





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