भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे टैरिफ में भारी कटौती, निर्यात वृद्धि और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
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- भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल 2026 को मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे 95% वस्तुओं पर टैरिफ कम या समाप्त होकर व्यापार और निवेश को मजबूती मिलेगी।
- इस समझौते के तहत कीवीफ्रूट और सेब जैसे उत्पादों पर टैरिफ कम होंगे, जबकि भारतीय निर्यातकों को वस्त्र, फार्मा, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में बेहतर बाजार मिलेगा।
- पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता निवेश बढ़ाएगा, निर्यात को प्रोत्साहित करेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत करेगा।
- भारत ने डेयरी, कॉफी, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखकर घरेलू किसानों के हितों की रक्षा की है।
- न्यूजीलैंड को 118 सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुंच मिलेगी, जिसमें दूरसंचार, निर्माण, पर्यटन और पेशेवर सेवाएं शामिल हैं, जिससे सेवा व्यापार बढ़ेगा।
- इस समझौते में भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी वीजा और 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा का प्रावधान किया गया है, साथ ही छात्रों के लिए नियम आसान किए गए हैं।
- वाइन और कुछ डेयरी उत्पादों पर टैरिफ धीरे-धीरे 7 से 10 वर्षों में कम किए जाएंगे, जबकि कई वस्तुओं को तुरंत शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
- यह समझौता वर्तमान लगभग 2.4 अरब डॉलर के व्यापार को बढ़ाने, रोजगार सृजन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति मजबूत करने में मदद करेगा।





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