तीव्र क्षमता विस्तार, बढ़ती यात्री मांग और कम लागत वाली विमान सेवाओं के मजबूत प्रदर्शन के कारण भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है।
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- अप्रैल 2024 में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया और इसने ब्राजील तथा इंडोनेशिया को पीछे छोड़ दिया।
- भारत की घरेलू विमानन क्षमता 15.6 मिलियन सीटों तक पहुंच गई, जबकि इस श्रेणी में संयुक्त राज्य और चीन उससे आगे बने रहे।
- घरेलू विमानन बाजार में किसी देश की सीमाओं के भीतर संचालित अनुसूचित यात्री उड़ानों की उपलब्ध सीटों के आधार पर क्षमता का आकलन किया जाता है।
- 2024 में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात को मिलाकर भारत वैश्विक विमानन बाजार में पांचवें स्थान पर रहा।
- 2014 से 2024 के बीच भारत ने घरेलू विमानन क्षमता में औसतन 6.9% वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जो निरंतर विस्तार को दर्शाती है।
- कम लागत वाली विमान सेवाओं की हिस्सेदारी अप्रैल 2024 में 78.4% रही, जो प्रमुख घरेलू विमानन बाजारों में सर्वाधिक मानी गई।
- इंडिगो ने घरेलू विमानन क्षमता में अपनी हिस्सेदारी 2014 के 32% से बढ़ाकर अप्रैल 2024 में 62% तक पहुंचा दी।
- भारत में परिचालित हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से बढ़कर 2025 में 164 हो गई तथा आने वाले वर्षों में विमानन क्षेत्र में और तेज वृद्धि का अनुमान है।





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