वैज्ञानिकों ने पहली बार प्राकृतिक गहरे समुद्री आवास में स्वस्थ गोब्लिन शार्क का सफल दृश्यांकन किया है, जिससे इस अत्यंत दुर्लभ समुद्री जीव के बारे में महत्वपूर्ण नई जानकारी प्राप्त हुई है।
BulletsIn
- वैज्ञानिकों ने पहली बार प्राकृतिक समुद्री वातावरण में जीवित गोब्लिन शार्क का सफल दृश्यांकन कर समुद्री अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है।
- यह खोज मध्य प्रशांत महासागर में दो अलग अलग अवसरों पर दर्ज की गई, जिससे इस दुर्लभ प्रजाति के प्राकृतिक व्यवहार का अध्ययन संभव हुआ।
- पहला दृश्यांकन 2019 में जार्विस द्वीप के निकट लगभग 1,237 मीटर की गहराई पर दूरसंचालित समुद्री उपकरण की सहायता से किया गया।
- बाद में अभिलेखित चित्रों की पुनः जांच के दौरान वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि यह प्राकृतिक वातावरण में स्वस्थ गोब्लिन शार्क का दुर्लभ दृश्य था।
- दूसरा दृश्यांकन 2024 में टोंगा गर्त में किया गया, जिसने इस प्रजाति के ज्ञात आवास की गहराई को लगभग 700 मीटर तक विस्तारित कर दिया।
- इस अवलोकन ने मध्य प्रशांत क्षेत्र में गोब्लिन शार्क की उपस्थिति तथा गहरे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में उसके वितरण संबंधी जानकारी को और मजबूत किया।
- गोब्लिन शार्क अपनी लंबी थूथन, सुई जैसी दांतों तथा विशिष्ट शारीरिक संरचना के लिए जानी जाती है और इसकी लंबाई लगभग 3.6 मीटर तक हो सकती है।
- इस प्रजाति को जीवित जीवाश्म माना जाता है क्योंकि यह लगभग 125 मिलियन वर्ष पुराने प्राचीन वंश की अंतिम जीवित प्रतिनिधि मानी जाती है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.