विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान से क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। भारत ने संवाद और कूटनीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए लगभग 1.4 लाख भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की जानकारी भी दी।
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- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से दूरभाष पर बातचीत कर क्षेत्र में जारी संघर्ष पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की।
- भारत ने ईरान से आग्रह किया कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर किसी भी परिस्थिति में हमला न किया जाए, साथ ही नागरिक समुद्री गतिविधियों पर किसी भी पक्ष द्वारा किए गए हमलों की निंदा की।
- वार्ता के दौरान ईरान ने क्षेत्रीय घटनाक्रम तथा जारी कूटनीतिक प्रयासों के संबंध में अपना दृष्टिकोण भारत के साथ साझा किया।
- भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक है तथा क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने को आवश्यक मानता है।
- यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब होरमुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नौवहन सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
- सरकार ने संसद को बताया कि भारतीय दूतावासों ने हालिया संघर्ष के दौरान लगभग 1.4 लाख भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में सहायता प्रदान की।
- भारत क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखे हुए है तथा संबंधित देशों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
- भारत की यह कूटनीतिक पहल नागरिकों की सुरक्षा, समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने की उसकी नीति को दर्शाती है।





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