पश्चिम बंगाल ने अनुसंधान, निवेश, नवाचार और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए समर्पित क्वांटम और अर्धचालक प्रौद्योगिकी केंद्र शुरू किया।
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- पश्चिम बंगाल ने सीएसआईआर केंद्रीय कांच और सिरेमिक अनुसंधान संस्थान में उभरती क्वांटम और अर्धचालक प्रौद्योगिकियों के लिए नया विभाग शुरू किया।
- यह पहल भविष्य की तकनीकी खोजों और नवाचारों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर शुरू की गई।
- राज्य सरकार का लक्ष्य केंद्रित नीतियों, आधारभूत ढांचे और साझेदारी के माध्यम से पश्चिम बंगाल को अर्धचालक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
- मंत्री ने क्वांटम और अर्धचालक प्रौद्योगिकियों को आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।
- राज्य सरकार निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए सीएसआईआर संस्थान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा अन्य विभागों के साथ सहयोग करेगी।
- नया विभाग राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के विषयगत केंद्रों से जुड़कर विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच अनुसंधान तथा कौशल विकास सहयोग बढ़ाएगा।
- राज्य बजट में प्रतिभा आकर्षण, नवाचार केंद्र और उद्यम पूंजी निधि जैसी पहलों के माध्यम से गहन प्रौद्योगिकी उद्यमों को समर्थन दिया जाएगा।
- नया विभाग अतिचालक क्वांटम मंच, द्विआयामी क्वांटम पदार्थ, एकल इलेक्ट्रॉन ट्रांजिस्टर और उन्नत प्रकाशिकी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
- सीएसआईआर संस्थान कांच, सिरेमिक, प्रकाशीय तंतु और प्रकाशिकी के क्षेत्र में अपने दीर्घकालीन अनुभव का उपयोग नई प्रौद्योगिकियों के विकास में करेगा।
- पहल का उद्देश्य प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से क्वांटम तथा अर्धचालक अनुसंधान के लिए मजबूत संस्थागत आधार तैयार करना है।
- पश्चिम बंगाल अपने वैज्ञानिक विरासत और प्रतिभाशाली मानव संसाधन के आधार पर प्रमुख अर्धचालक निवेश वाले राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहता है।
- सीएसआईआर केंद्रीय संस्थान के अनुसार भारत पिछले दो दशकों में कांच और सिरेमिक विषयक शोध प्रकाशनों में विश्व स्तर पर दूसरे स्थान पर रहा है।





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