भारत और South Korea ने अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई है, जिसमें व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
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- भारत और दक्षिण कोरिया ने विशेष रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, एआई, जहाज निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- दोनों देशों ने 2026 से 2030 तक द्विपक्षीय संबंधों को दिशा देने के लिए एक संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण (Joint Strategic Vision) अपनाया, जिससे दीर्घकालिक सहयोग मजबूत होगा।
- वार्ताओं में परमाणु ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और विदेशों में संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।
- नेताओं ने आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर जोर दिया, विशेषकर सेमीकंडक्टर, बैटरी और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक संसाधनों के क्षेत्र में।
- रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी, जिसमें खरीद, तकनीकी आदान-प्रदान और साइबर सुरक्षा सहयोग का विस्तार शामिल है।
- दोनों पक्षों ने नियमित उच्च-स्तरीय बैठकों और मंत्रिस्तरीय संवादों को संस्थागत बनाने पर सहमति जताई ताकि संबंधों में निरंतरता बनी रहे।
- समुद्री और जहाज निर्माण क्षेत्र को प्रमुख सहयोग क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया, साथ ही कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया गया।
- यह साझेदारी स्थिरता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है, जिससे दीर्घकालिक कूटनीतिक संबंध सुदृढ़ होंगे।





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