भारत की संसद ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी की अनुमति देने वाला कानून पारित कर दिया है। यह फैसला 18 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, जबकि विपक्ष ने सुरक्षा और जवाबदेही पर चिंता जताई है।
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- संसद के दोनों सदनों से परमाणु विधेयक पारित
- निजी कंपनियों के लिए नागरिक परमाणु क्षेत्र खुला
- सरकार का दावा, स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगी रफ्तार
- कोयले जैसे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की कोशिश
- राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी, औपचारिक मानी जा रही
- भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता
- छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों को बढ़ावा देने की योजना
- विपक्ष ने सुरक्षा प्रावधान कमजोर होने की चेतावनी दी
- स्वास्थ्य और विकिरण जोखिम पर चिंता जताई गई
- सरकार ने मजबूत सुरक्षा और नियामक ढांचे का भरोसा दिलाया





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