भारत की संसद ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी की अनुमति देने वाला कानून पारित कर दिया है। यह फैसला 18 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, जबकि विपक्ष ने सुरक्षा और जवाबदेही पर चिंता जताई है।




