भारत ने कोलकाता में समुद्री मंथन अनुसंधान पोत शुरू किया, जिससे गहरे समुद्र की खोज, समुद्री अनुसंधान और स्वदेशी समुद्री तकनीक को मजबूती मिलेगी।
BulletsIn
- सरकार ने कोलकाता के ऋषि बंकिम पोत निर्माण केंद्र में समुद्री मंथन शुरू किया, जो समुद्र विज्ञान अनुसंधान में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- यह पोत गहरे समुद्र अभियान के चौथे कार्यक्षेत्र के अंतर्गत विकसित किया गया है, जो गहरे समुद्री सर्वेक्षण और खोज पर केंद्रित है।
- लगभग 840 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पोत सभी मौसमों में कार्य करने वाला बहुविषयक समुद्री अनुसंधान मंच है।
- समुद्री मंथन दक्षिणी महासागर सहित अत्यधिक समुद्री परिस्थितियों में कार्य कर सकता है और इसकी अनुमानित सेवा अवधि 30 वर्ष है।
- गार्डन रीच पोत निर्माता एवं अभियंता ने इस पोत का डिजाइन और निर्माण किया है, जिससे स्वदेशी पोत निर्माण क्षमता मजबूत हुई है।
- नया अनुसंधान पोत 43 वर्ष पुराने समुद्री कन्या पोत का स्थान लेगा, जिसे भारत ने 1983 में जर्मनी से प्राप्त किया था।
- समुद्री मंथन बहुविषयक समुद्री खोज, वैज्ञानिक सर्वेक्षण और अनुसंधान में सहायता करेगा तथा कम ज्ञात समुद्री क्षेत्रों की समझ बढ़ाएगा।
- पोत का संचालन गहरे समुद्र अभियान के उद्देश्यों को मजबूत करेगा और समुद्री विज्ञान, तकनीकी नवाचार तथा रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
- नया पोत कठिन समुद्री परिस्थितियों में विभिन्न प्रकार के अनुसंधान अभियानों को संचालित करने के लिए उन्नत मंच उपलब्ध कराएगा।
- पोत वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और समुद्री संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने में सहायता करेगा तथा भारत के विस्तारित समुद्री अनुसंधान कार्यक्रमों को मजबूत करेगा।
- इसका शुभारंभ गहरे समुद्री खोज और समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए स्वदेशी विशेषज्ञता तथा अनुसंधान ढांचे को विकसित करने के प्रयासों को दर्शाता है।
- समुद्री मंथन भारत के समुद्री अनुसंधान ढांचे का महत्वपूर्ण उन्नयन है, जो समुद्री विज्ञान और समुद्री तकनीक में दीर्घकालिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगा।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.