सोमवार को चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि चीन ने गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण किए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश हमेशा से जिम्मेदार परमाणु नीति अपनाता रहा है और उसकी ‘नो फर्स्ट यूज़’ (पहले उपयोग न करने) की नीति बरकरार है। यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने रूस, चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया के कथित परीक्षणों का हवाला देते हुए 30 साल बाद अमेरिका में फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की घोषणा की।
BulletsIn
- चीन ने ट्रंप के गुप्त परमाणु परीक्षण के आरोपों को सख्ती से खारिज किया।
- विदेश मंत्रालय ने जिम्मेदार परमाणु नीति और ‘नो फर्स्ट यूज़’ सिद्धांत को दोहराया।
- ट्रंप ने कहा कि कई देश गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं।
- उन्होंने 30 साल बाद अमेरिका में परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने की घोषणा की।
- ट्रंप ने पेंटागन को तुरंत तैयारी शुरू करने का आदेश दिया।
- चीन ने कहा कि वह सभी अंतरराष्ट्रीय परमाणु संधियों और नियमों का पालन करता है।
- बीजिंग ने वाशिंगटन पर बिना सबूत आरोप लगाने का आरोप लगाया।
- विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इससे वैश्विक परमाणु हथियार दौड़ शुरू हो सकती है।
- चीन ने देशों से वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की।
- यह विवाद पहले से तनावपूर्ण अमेरिका-चीन संबंधों को और बिगाड़ सकता है।





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