केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मौसम संबंधी जोखिमों के बावजूद केंद्र सरकार को फिलहाल बजट अनुमानों में संशोधन करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजकोषीय बफर (Fiscal Buffers) तैयार किए हैं, जो आर्थिक अनिश्चितताओं और महँगाई के दबाव से निपटने में सक्षम हैं।
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- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिलहाल बजट अनुमानों में संशोधन की आवश्यकता नहीं है।
- उन्होंने बताया कि बजट में वैश्विक आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए पर्याप्त राजकोषीय बफर मौजूद हैं।
- सरकार ने कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों के प्रभाव से निपटने के लिए प्रावधान किए हैं।
- उर्वरकों (Fertilisers) के बढ़ते आयात व्यय के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है।
- सरकार किसानों को पहले की तरह ही सब्सिडी वाले मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराती रहेगी।
- वैश्विक परिस्थितियों से बढ़ी शिपिंग एवं परिवहन लागत को संभालने के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
- वित्त मंत्री ने कहा कि महँगाई के पीछे वैश्विक और घरेलू, दोनों प्रकार के कारण हो सकते हैं।
- उन्होंने कहा कि कमज़ोर या असमान मानसून खाद्य महँगाई को बढ़ा सकता है।
- एल नीनो (El Niño) के कारण वर्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को भी संभावित जोखिम बताया गया।
- सरकार का मानना है कि वर्तमान बजट में इन चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।
- वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र का निवेश लगातार बढ़ रहा है।
- उन्होंने कहा कि उद्योग आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।
- सरकार ने उद्योग जगत को आवश्यक सुविधाओं और सुधारों के लिए सहयोग करने का आमंत्रण दिया।
- उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत और व्यापक विकास प्रदर्शित कर रही है।
- GST संग्रह, निर्यात, ई-वे बिल, बिजली की मांग, डिजिटल भुगतान तथा वाहन बिक्री जैसे संकेतक आर्थिक मजबूती को दर्शाते हैं।





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