नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह राष्ट्रीय पहचान पत्र (National Identity Card – NID) को नेपाली नागरिकों के लिए वैध यात्रा दस्तावेज़ के रूप में मान्यता दे। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो बायोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ तीसरा मान्य यात्रा दस्तावेज़ बन जाएगा।
BulletsIn
- नेपाल ने भारत से राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) को वैध यात्रा दस्तावेज़ के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है।
- यह प्रस्ताव राजनयिक माध्यमों (Diplomatic Channels) से भारत सरकार को भेजा गया है।
- स्वीकृति मिलने पर NID नेपाली नागरिकों के लिए तीसरा वैध यात्रा दस्तावेज़ बन जाएगा।
- वर्तमान में नेपाली नागरिक पासपोर्ट या नागरिकता प्रमाणपत्र के आधार पर भारत की यात्रा कर सकते हैं।
- प्रस्तावित NID एक बायोमेट्रिक पहचान पत्र है।
- इस प्रस्ताव की पहल नेपाल के आव्रजन विभाग (Department of Immigration) ने की है।
- नेपाल भारत सरकार की औपचारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।
- स्वीकृति मिलने पर NID के माध्यम से हवाई और सड़क मार्ग से भारत की यात्रा संभव होगी।
- वर्तमान में भारत आने वाले नेपाली नागरिकों के लिए पासपोर्ट या नागरिकता प्रमाणपत्र आवश्यक है।
- नेपाल की हवाई यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) मान्य है।
- नेपाल ने 2018 में राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) को देशभर में लागू किया था।
- नेपाल में यह पहचान पत्र सरकारी सेवाओं और बैंकिंग सेवाओं के लिए अनिवार्य बनाया गया है।
- नेपाल भविष्य में पारंपरिक नागरिकता प्रमाणपत्र को बायोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र से बदलने की योजना बना रहा है।
- भारत और नेपाल के बीच 1950 की भारत–नेपाल शांति एवं मैत्री संधि के तहत खुली सीमा (Open Border) व्यवस्था लागू है, जिसके अंतर्गत दोनों देशों के नागरिक बिना वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.