न्यूज18 राइजिंग भारत समिट में अर्थशास्त्रियों ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धियों पर लगे अमेरिकी टैरिफ भारत को बड़ा अवसर दे रहे हैं। चीन, बांग्लादेश (37%) और वियतनाम (46%) जैसे देशों पर भारी टैरिफ के बीच, भारत श्रम-प्रधान विनिर्माण के जरिये वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। यह भारत के लिए 1991 जैसा परिवर्तनकारी मौका माना जा रहा है।
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- भारत पर अमेरिकी टैरिफ का असर कम, क्योंकि निर्यात कम है।
- बांग्लादेश और वियतनाम पर भारी टैरिफ से भारत को बढ़त।
- श्रम-प्रधान विनिर्माण भारत के लिए बड़ा अवसर बना।
- भारत को अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तुरंत बढ़ानी होगी।
- विशेषज्ञ बोले—यह ‘1991 जैसा आर्थिक मोड़’ बन सकता है।
- चीन पर डंपिंग के आरोपों के चलते सप्लाई चेन बदल रही।
- BIMSTEC, BRICS जैसे समूहों में भारत की अग्रिम रणनीति लाभदायक।
- कृषि, डेयरी जैसे क्षेत्रों में भारत की कमजोरी से अमेरिका से बातचीत कठिन।
- 1991 के बाद 450 मिलियन लोग गरीबी से बाहर निकले, लेकिन उद्योग क्रांति नहीं आई।
- विशेषज्ञों ने चेताया—यह मौका चूकने से वैश्विक व्यापार से बाहर हो सकता है भारत।





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