त्रिपुरा राष्ट्रीय अनुपालन सरलीकरण और डीरग्युलेशन पहल के फेज-I और फेज-II के सभी प्राथमिक सुधार क्षेत्रों को पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
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- त्रिपुरा डीरग्युलेशन फेज-I और फेज-II के तहत सभी 51 प्राथमिक सुधार क्षेत्रों को पूरा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।
- राष्ट्रीय अनुपालन सरलीकरण और डीरग्युलेशन कार्यक्रम का संचालन कैबिनेट सचिवालय द्वारा नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
- जनवरी 2026 में शुरू हुए डीरग्युलेशन फेज-II में उद्योग, श्रम, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया था।
- त्रिपुरा ने भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रियाओं में सेल्फ-सर्टिफिकेशन व्यवस्था लागू कर प्रशासनिक मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाया है।
- राज्य ने सिंगल विंडो अप्रूवल एजेंसी को मजबूत करते हुए अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रक्रियाओं को तर्कसंगत और कई अनुमतियों को स्वचालित किया है।
- चयनित औद्योगिक श्रेणियों को सेल्फ-डिक्लेरेशन प्रणाली के तहत संचालन शुरू करने और तीन वर्ष तक निरीक्षण छूट की सुविधा दी गई है।
- अधिकारियों के अनुसार ये सुधार डिजिटल अनुमोदन प्रणाली और कम अनुपालन बोझ के माध्यम से व्यापार सुगमता बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
- वर्ष 2022 से त्रिपुरा लगभग ₹35,140 करोड़ के 394 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुका है जबकि ₹5,352 करोड़ की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।





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