दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपातकालीन प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती है।
BulletsIn
- दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 एक औपनिवेशिक कालीन कानूनी प्रावधान है जिसका उपयोग सार्वजनिक अशांति और हिंसा रोकने के लिए किया जाता है।
- यह कानून जिला मजिस्ट्रेट और कार्यपालिका मजिस्ट्रेट को किसी क्षेत्र में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है।
- प्रशासन धारा 144 तब लागू कर सकता है जब मानव जीवन, सार्वजनिक सुरक्षा, स्वास्थ्य या शांति को खतरा होने की आशंका हो।
- धारा 144 के तहत जारी आदेश सामान्यतः दो महीने तक प्रभावी रहते हैं और विशेष परिस्थितियों में छह महीने तक बढ़ाए जा सकते हैं।
- धारा 144 का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई और कारावास का प्रावधान है।
- इस प्रावधान का उपयोग कई बार विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक सभाओं और तनावपूर्ण परिस्थितियों में सार्वजनिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए किया गया है।
- सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि धारा 144 के तहत लगाए गए प्रतिबंध संविधान के अनुपातिकता और उचित प्रतिबंध परीक्षण पर खरे उतरने चाहिए।
- आलोचकों के अनुसार यह कानून प्रशासन को अत्यधिक शक्तियां देता है और कई बार मौलिक अधिकारों तथा नागरिक स्वतंत्रताओं को प्रभावित कर सकता है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.