भारत ने ओमान से गुजरात तक प्रस्तावित गहरे समुद्री गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेज करते हुए ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
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- भारत ओमान के रस अल जिफान से गुजरात के पोरबंदर तक गहरे समुद्री प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
- प्रस्तावित अंडरसी पाइपलाइन की लंबाई लगभग 1,600 से 2,000 किलोमीटर तक होगी जो अरब सागर के भीतर विकसित की जाएगी।
- अधिकारियों के अनुसार पाइपलाइन समुद्र तल से लगभग 3,450 मीटर की अधिकतम गहराई पर संचालित की जाएगी।
- यह ऊर्जा कॉरिडोर प्रतिदिन लगभग 31 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस भारत तक पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
- परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹40,000 करोड़ से ₹43,000 करोड़ के बीच बताई गई है जिससे यह भारत की बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल हो गई है।
- प्रस्तावित पाइपलाइन मार्ग अरब सागर, ओवेन फ्रैक्चर ज़ोन और इंडस फैन जैसे गहरे समुद्री क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
- गेल इंडिया, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड जैसी सरकारी कंपनियां विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करेंगी।
- ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा, गैस आयात विविधीकरण और दीर्घकालिक ईंधन रणनीति को मजबूत करेगी।





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