भारत अपनी औद्योगिक वृद्धि को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है। सतत बायोमैन्युफैक्चरिंग और हरे रसायन को अपनाना भारत के लिए एक आशाजनक मार्ग है, जिससे वह कार्बन उत्सर्जन को कम कर सकता है, जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा कर सकता है




