भारत 12 मार्च और 6 अप्रैल 2025 को डांडी मार्च की 95वीं वर्षगांठ मनाएगा। महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1930 में हुआ यह आंदोलन ब्रिटिश नमक कानूनों के खिलाफ था। देशभर में मार्च की पुनरावृत्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम की इस अहम घटना को याद किया जाएगा।
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- डांडी मार्च 12 मार्च 1930 को शुरू हुआ; 241 मील की पदयात्रा थी।
- उद्देश्य था ब्रिटिश नमक कानून तोड़ना और सविनय अवज्ञा शुरू करना।
- 12 मार्च 2025 को पुनर्निर्माण यात्रा; 6 अप्रैल को डांडी में समारोह।
- ब्रिटिश नमक कर गरीबों पर भारी था; स्वतंत्र नमक बनाना गैरकानूनी था।
- गांधी ने 6 अप्रैल 1930 को समुद्र से नमक उठाकर कानून तोड़ा।
- हजारों लोग जुड़े; देशभर में अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ।
- महिलाओं की सक्रिय भागीदारी; सरोजिनी नायडू ने नेतृत्व संभाला।
- आंदोलन में 60,000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई।
- डांडी मार्च ने एकता जगाई; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा।
- 2025 में आयोजन गांधी और सत्याग्रह की विरासत को सम्मान देगा।





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