भारतीय संविधान का भाग I (अनुच्छेद 1 से 4) भारत को “राज्यों का संघ” बताता है। यह भारत के राज्यों के निर्माण, विलय, नाम परिवर्तन और सीमाओं में बदलाव से संबंधित कानूनी प्रावधान तय करता है। इसी के तहत झारखंड, तेलंगाना जैसे नए राज्य बने और बंगाल का नाम बदला गया।
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- अनुच्छेद 1 में भारत को “राज्यों का संघ” कहा गया; संघीय शब्द नहीं।
- संसद को राज्यों के निर्माण, विलय, नाम बदलने और सीमाएं बदलने का अधिकार (अनुच्छेद 3)।
- संबंधित राज्य की सहमति अनिवार्य नहीं; सिर्फ राय ली जाती है।
- ऐसे विधेयक लाने से पहले राष्ट्रपति की सिफारिश जरूरी।
- अनुच्छेद 2 नए राज्यों को भारत में शामिल करने की अनुमति देता है।
- सिक्किम अनुच्छेद 2A से भारत में शामिल हुआ; तेलंगाना अनुच्छेद 3 के तहत बना।
- अनुच्छेद 4 के तहत कानून पहले और चौथे अनुसूची में संशोधन कर सकते हैं।
- अनुच्छेद 3 कुछ मामलों में केंद्रशासित प्रदेशों पर भी लागू होता है।
- 40वां संशोधन (1976) के तहत समुद्री क्षेत्र और खनिज संपदा पर संघ का अधिकार।
- EEZ (आर्थिक क्षेत्र) में “सर्वभौम अधिकार” होता है, पूर्ण प्रभुत्व नहीं।





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