अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
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- ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 5.4% गिरकर $78.66 प्रति बैरल पर पहुंच गई, जो मार्च 2026 के बाद पहली बार $80 से नीचे आई है।
- निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात सामान्य हो सकेगा।
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
- आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम होने से बाजार में जोखिम प्रीमियम घटा, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना।
- अमेरिका के शेयर बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला क्योंकि निवेशकों ने ऊर्जा बाजार की राहत और आर्थिक संकेतकों का आकलन किया।
- एस एंड पी 500 सूचकांक में 0.2% की गिरावट दर्ज हुई, हालांकि यह अब भी अपने हालिया रिकॉर्ड स्तर के काफी करीब बना हुआ है।
- डाउ जोन्स औद्योगिक औसत लगभग 502 अंक या 1% बढ़ा, जिससे निवेशकों के सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत मिला।
- विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तेल कीमतों की दिशा मध्य पूर्व की स्थिति, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक मांग पर निर्भर करेगी।





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