भारत रूस और यूक्रेन दोनों के लगातार संपर्क में है तथा संघर्ष कम करने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
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- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
- भारत ऐसे विचारों और सुझावों की तलाश कर रहा है जो संघर्ष की तीव्रता कम करने और अंततः युद्ध समाप्त करने में योगदान दे सकें।
- जयशंकर ने संघर्ष के समाधान के लिए संवाद, कूटनीति और बातचीत को आवश्यक बताते हुए शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
- यूक्रेन यात्रा के दौरान जयशंकर ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा से मुलाकात कर युद्ध समाप्ति के प्रयासों पर चर्चा की।
- भारत ने दोहराया कि वह युद्ध समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने में किसी भी उपयोगी तरीके से सहायता देने के लिए तैयार है।
- जयशंकर ने कहा कि रूस से तेल खरीद को संघर्ष का कारण नहीं माना जाना चाहिए और युद्ध का समाधान बातचीत से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि युद्ध तेल, उर्वरक, धातु या खनिज खरीदने अथवा नहीं खरीदने से समाप्त नहीं होगा, बल्कि कूटनीति और बातचीत से समाप्त होगा। - पोलैंड में जयशंकर ने विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से आपूर्ति व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, ईंधन सुरक्षा और उर्वरक सुरक्षा सहित वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की।
- भारत और पोलैंड ने 2024 से 2028 की संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, संस्कृति और बहुपक्षीय सहयोग शामिल हैं।
- जयशंकर ने भारत यूरोपीय संघ सहयोग को मजबूत करने में पोलैंड के समर्थन को महत्वपूर्ण बताया और मुक्त व्यापार समझौते से संबंध मजबूत होने की उम्मीद जताई।
- भारत और पोलैंड के संबंध लंबे समय से मैत्रीपूर्ण रहे हैं और 2024 में दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया।
- भारत का कूटनीतिक दृष्टिकोण संवाद और संपर्क को प्राथमिकता देता है तथा संघर्ष समाप्त करने के लिए बातचीत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महत्वपूर्ण मानता है।





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