भारत और फ्रांस लगभग 6 दशक पुरानी अंतरिक्ष साझेदारी को विस्तार दे रहे हैं, जिसमें मानव अंतरिक्ष उड़ान, उन्नत तकनीक और औद्योगिक सहयोग प्रमुख हैं।
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- भारत और फ्रांस ने मानव अंतरिक्ष उड़ान, उन्नत तकनीक, औद्योगिक भागीदारी और उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को व्यापक बनाने पर सहमति जताई।
- नई साझेदारी का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और फ्रांस के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अध्ययन केंद्र के बीच संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना है।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव को पेरिस अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन में उद्घाटन मुख्य संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया है।
- मुख्य संबोधन में भारत के भविष्य के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम और निम्न पृथ्वी कक्षा में मानव अन्वेषण की योजनाओं को प्रमुखता दी जाएगी।
- भारत पेरिस अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन में भाग लेगा, जबकि फ्रांस सितंबर में आयोजित होने वाली बेंगलुरु अंतरिक्ष प्रदर्शनी में शामिल होगा।
- भारत बाहरी अंतरिक्ष के सतत उपयोग, वैज्ञानिक आंकड़ों की उपलब्धता और अंतरिक्ष आधारित संचार से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं पर चर्चा में योगदान देगा।
- दोनों देशों ने अंतरिक्ष अभिकल्पना, निर्माण तकनीक, अंतरिक्ष आधारित संपर्क, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से आगे खोज और उन्नत अनुप्रयोगों में सहयोग की संभावनाएं पहचानीं।
- फ्रांस ने मौजूदा पहलों को तेज करने और दोनों देशों की अंतरिक्ष संस्थाओं, उद्योगों तथा उभरते अंतरिक्ष तंत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई।
- दोनों देश सहयोग के नए क्षेत्रों, संयुक्त पहलों और औद्योगिक तथा तकनीकी भागीदारी को गहरा करने के अवसरों पर आगे चर्चा जारी रखेंगे।
- भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष सहयोग लगभग 6 दशक पुराना है और यह दुनिया की सबसे लंबे समय से चल रही साझेदारियों में शामिल है।
- मेघा ट्रॉपिक्स और सरल जैसे संयुक्त उपग्रह अभियानों ने उपग्रह तकनीक, पृथ्वी अवलोकन और जलवायु संबंधी अनुप्रयोगों में साझेदारी की मजबूत नींव रखी है।
- नया सहयोग वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका मजबूत करने के साथ अनुसंधान, तकनीकी विकास और औद्योगिक विस्तार के अवसर बढ़ा सकता है।





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