नासा ने वॉयेजर 1 के एक महत्वपूर्ण उपकरण को बंद कर दिया है ताकि ऊर्जा बचाकर इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन की अवधि को और बढ़ाया जा सके।
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- NASA ने 17 अप्रैल को Voyager 1 पर लगे लो-एनर्जी चार्ज्ड पार्टिकल्स (LECP) उपकरण को ऊर्जा बचाने के लिए बंद किया।
- यह उपकरण आयन, इलेक्ट्रॉन और कॉस्मिक किरणों को मापता था, जो सौर मंडल और आकाशगंगा से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करता था।
- यह कदम वॉयेजर 1 के मिशन को 2030 के दशक तक जारी रखने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि इसकी ऊर्जा धीरे-धीरे कम हो रही है।
- Jet Propulsion Laboratory के इंजीनियरों के अनुसार, इस निर्णय से अंतरिक्ष यान को लगभग एक वर्ष अतिरिक्त संचालन समय मिलेगा।
- अब वॉयेजर 1 के पास दो सक्रिय उपकरण बचे हैं, जो प्लाज्मा वेव्स और मैग्नेटिक फील्ड्स का अध्ययन करते हुए इंटरस्टेलर स्पेस से डेटा भेज रहे हैं।
- फरवरी 2026 में नासा ने कॉस्मिक रे सबसिस्टम को भी बंद कर दिया था, जो उच्च-ऊर्जा कणों का अध्ययन करता था।
- वॉयेजर 1 ने 2012 में हेलियोस्फीयर को पार कर इंटरस्टेलर स्पेस में प्रवेश किया था, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
- यह अंतरिक्ष यान रेडियोआइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर से संचालित होता है और हर साल लगभग 4 वॉट ऊर्जा खोता है, जिससे उपकरणों को धीरे-धीरे बंद करना पड़ता है।
- वर्तमान में यह पृथ्वी से 15 अरब मील से अधिक दूर है और इसका सिग्नल आने-जाने में 23 घंटे से ज्यादा समय लेता है।





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