हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा चंबा धर्मशाला क्षेत्र को देश के सर्वाधिक भूकंप जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित करते हुए केंद्र सरकार ने निगरानी और आपदा तैयारी को और मजबूत किया है।
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- हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा चंबा धर्मशाला क्षेत्र भूकंपीय क्षेत्र 5 में स्थित है, जिसे देश का सर्वाधिक भूकंप जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है।
- केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र 24×7 भूकंप निगरानी केंद्र के माध्यम से निरंतर भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी करता है।
- जून 2026 के दौरान कांगड़ा चंबा क्षेत्र में 16 भूकंप दर्ज किए गए, जिनमें एक भूकंप की तीव्रता 5.0 से 5.9 के बीच रही।
- राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान सहित वैज्ञानिक संस्थानों के अध्ययन बताते हैं कि यह क्षेत्र सक्रिय विवर्तनिक गतिविधियों के कारण 7.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप उत्पन्न करने में सक्षम है।
- राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान नेटवर्क का विस्तार कर देशभर में 172 भूकंपीय निगरानी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश में 7 केंद्र कार्यरत हैं।
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य सरकारों के साथ मिलकर मॉक अभ्यास, प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन योजना तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बना रहा है।
- केंद्र ने राष्ट्रीय भवन संहिता, भारतीय मानक ब्यूरो के भूकंप डिजाइन मानकों तथा आदर्श भवन उपविधियों के अनुसार भूकंपरोधी निर्माण को लागू करने की सलाह दी है।
- सरकार भूकंपीय सूक्ष्म क्षेत्रीय अध्ययन, जनजागरूकता अभियान, विद्यालय आधारित प्रशिक्षण, महत्वपूर्ण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण तथा राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता भी प्रदान कर रही है।





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