महाराष्ट्र के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य में भारत का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पक्षी अभयारण्य स्थापित किया जाएगा, जिससे पक्षी संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और सतत पारिस्थितिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
BulletsIn
- महाराष्ट्र सरकार ने 45 करोड़ रुपये की लागत से ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य में पारिस्थितिक प्रकृति उद्यान को स्वीकृति दी है, जहां भारत का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पक्षी निगरानी केंद्र स्थापित होगा।
- मुंबई और नवी मुंबई के बीच स्थित ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य को 2015-16 में संरक्षित अभयारण्य घोषित किया गया था तथा यह भारत का पहला फ्लेमिंगो अभयारण्य है।
- यह अभयारण्य मध्य एशियाई प्रवासी मार्ग पर स्थित होने के कारण ग्रेटर फ्लेमिंगो, लेसर फ्लेमिंगो, बगुले, सारस, किलकिला तथा अनेक प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का महत्वपूर्ण आवास है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली उन्नत कैमरों की सहायता से पक्षियों की पहचान करेगी, उनके प्रवास की निगरानी करेगी तथा 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में निरंतर वैज्ञानिक आंकड़े एकत्र करेगी।
- पारंपरिक प्रत्यक्ष सर्वेक्षण की तुलना में यह आधुनिक प्रणाली अधिक तेज, सटीक और दीर्घकालिक निगरानी उपलब्ध कराकर पक्षी संरक्षण को मजबूत बनाएगी।
- पारिस्थितिक प्रकृति उद्यान में आगंतुकों के लिए प्रकृति पथ, पक्षी अवलोकन मीनारें, व्याख्या केंद्र, शैक्षिक गतिविधियां तथा पक्षियों की पहचान संबंधी डिजिटल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- इस परियोजना से पक्षियों के प्रवास, जैव विविधता, आर्द्रभूमि संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर दीर्घकालिक वैज्ञानिक अनुसंधान को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
- यह पहल उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से आर्द्रभूमि संरक्षण को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र में सतत पारिस्थितिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.