अंतर-राज्य परिषद संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत स्थापित एक महत्वपूर्ण निकाय है, जो केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत बनाता है।
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- अनुच्छेद 263 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय, 1990 में सरकारिया आयोग की सिफारिशों पर गठन किया गया
- परिषद का कार्य राज्यों के बीच विवादों पर विचार, सामान्य हित के विषयों पर चर्चा और नीति समन्वय के लिए सुझाव देना
- यह एक सलाहकारी निकाय है, जिसके निर्णय बाध्यकारी नहीं होते और सहमति आधारित प्रक्रिया पर आधारित होते हैं
- संरचना में प्रधानमंत्री अध्यक्ष, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं
- परिषद वर्ष में कम से कम तीन बार बैठक करती है और स्थायी समिति निरंतर समन्वय सुनिश्चित करती है
- 1991 में स्थापित सचिवालय परिषद के कार्यों में सहयोग करता है और क्षेत्रीय परिषदों के लिए भी कार्य करता है
- यह परिषद संघीय व्यवस्था को मजबूत करने, सहयोग बढ़ाने और राष्ट्रीय विकास के लिए सामूहिक प्रयास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है





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