Indian Independence Act 1947 ने ब्रिटिश शासन का अंत कर 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र बनाया, जिससे दक्षिण एशिया की राजनीति पूरी तरह परिवर्तित हो गई।
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- यह अधिनियम Parliament of the United Kingdom द्वारा जुलाई 1947 में पारित किया गया, जो Mountbatten Plan पर आधारित था और सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करता था।
- इसकी पृष्ठभूमि में Indian National Congress के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम, Quit India Movement तथा बढ़ते सांप्रदायिक तनाव शामिल थे।
- इस अधिनियम ने ब्रिटिश भारत का विभाजन कर भारत और पाकिस्तान का गठन किया, ब्रिटिश सत्ता का अंत किया तथा वायसराय का पद समाप्त कर संविधान सभाओं को अधिकार प्रदान किए।
- सीमा निर्धारण Cyril Radcliffe आयोग द्वारा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक विस्थापन और सांप्रदायिक हिंसा हुई।
- इस अधिनियम ने रियासतों को भारत या पाकिस्तान में विलय अथवा स्वतंत्र रहने का विकल्प दिया और ब्रिटिश सर्वोच्चता का अंत किया।
- इसका महत्व लगभग 200 वर्षों के औपनिवेशिक शासन के अंत, वैश्विक उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलनों को प्रेरणा देने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव रखने में निहित है।
- विभाजन के कारण बड़े पैमाने पर जनसंख्या का पलायन हुआ, जिससे गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हुआ तथा कश्मीर जैसे दीर्घकालिक विवाद सामने आए।
- इस अधिनियम ने दोनों देशों में संवैधानिक विकास की नींव रखी, जिसमें भारत ने 1950 में अपना संविधान लागू कर एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना की।





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