भारत ने हरित ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन शुरू किया है। जनवरी में मिशन की घोषणा हुई थी, अब भारतीय महासागर में इन खनिजों की खोज की तैयारी है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) रोडमैप बना रहा है और भारत-रूस ने संयुक्त खोज के लिए समझौता किया है।
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- ईवी, सोलर, पवन, रक्षा, एयरोस्पेस में अहम क्रिटिकल मिनरल
- जुलाई 2024 में भारत ने 30 क्रिटिकल मिनरल की सूची जारी की
- लिथियम, कोबाल्ट, निकल, रेयर अर्थ, कॉपर, टाइटेनियम शामिल
- वैश्विक आपूर्ति कुछ देशों में केंद्रित, चीन अग्रणी
- डीआरसी कोबाल्ट में, ऑस्ट्रेलिया बॉक्साइट, चिली कॉपर में अग्रणी
- GSI के 2024–25 में 195, 2025–26 में 227 प्रोजेक्ट चालू
- ग्लोबल साउथ में भंडार, स्वच्छ ऊर्जा बदलाव का अवसर
- खनन से आवास नष्ट, प्रदूषण, जैव विविधता खतरे में
- समुद्र तल खनन से नाजुक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान
- बड़े पैमाने पर खनन से पहले पर्यावरण सुरक्षा जरूरी





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