भारत और साइप्रस ने रक्षा सहयोग, संपर्क परियोजनाओं, साइबर सुरक्षा और यूरोप व्यापार विस्तार पर केंद्रित रणनीतिक साझेदारी की नई शुरुआत की है।
BulletsIn
- भारत और साइप्रस ने निकोस क्रिस्टोडूलिडिस की नई दिल्ली यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया।
- दोनों देशों ने 2026-2031 रक्षा सहयोग रोडमैप घोषित किया जिसमें सैन्य सहयोग, तकनीकी साझेदारी, क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योग समन्वय को प्राथमिकता दी गई।
- भारत और साइप्रस ने साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक सहयोग, राजनयिक प्रशिक्षण, कांसुलर संवाद और संपर्क परियोजनाओं पर संयुक्त तंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया।
- साइप्रस ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के अंतर्गत भारत के लिए प्रमुख यूरोपीय संपर्क साझेदार बनने की अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षा दोहराई।
- यूरोपीय संघ के 150 अरब डॉलर सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय रक्षा कंपनियों को यूरोपीय विनिर्माण और साझेदारी अवसरों तक व्यापक पहुंच मिल सकती है।
- दोनों देशों ने उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक सहयोग, नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास और खोज एवं बचाव समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- साइप्रस ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने के प्रयासों का समर्थन करते हुए आर्थिक सहयोग विस्तार पर विशेष जोर दिया।
- भारत ने साइप्रस की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया जबकि दोनों देशों ने भूमध्यसागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.