भारत ने 2026 में गंभीर जलवायु संकट का सामना किया जब अत्यधिक तापमान के कारण 97 भारतीय शहर दुनिया के सबसे गर्म शहरी क्षेत्रों में शामिल हो गए।
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- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और मध्य भारत के कई शहरों में भीषण गर्मी के दौरान तापमान 48°C से अधिक दर्ज किया गया।
- उत्तर प्रदेश का बांदा और ओडिशा का बलांगीर देश के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल रहे जहां लगातार बढ़ती गर्मी ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया।
- मौसम वैज्ञानिकों ने शक्तिशाली हीट डोम प्रणाली को लंबे समय तक बनी भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का प्रमुख कारण बताया है।
- हीट डोम ने गर्म हवा को कई दिनों तक रोके रखा जिससे प्रभावित क्षेत्रों में वर्षा, बादल और ठंडी हवाओं का प्रवेश लगभग रुक गया।
- कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत को सामान्य मौसमी राहत नहीं मिली और लगातार तेज धूप ने तापमान को और अधिक बढ़ा दिया।
- तेज शहरीकरण, घटते वन क्षेत्र, सूखते जल स्रोत, अवैध बालू खनन और बंजर कृषि भूमि ने स्थानीय गर्मी और शहरी ऊष्मा प्रभाव को बढ़ाया।
- जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक तापवृद्धि और एल नीनो प्रभाव ने मिलकर गर्मी की अवधि बढ़ाई तथा वर्षा प्रणाली को कमजोर किया।
- अत्यधिक गर्मी से कृषि उत्पादन, बिजली खपत, जल संसाधन, श्रमिक उत्पादकता और सार्वजनिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हुए तथा लू के मामलों में वृद्धि हुई।





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