भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने ऑस्ट्रेलिया–कनाडा–भारत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार साझेदारी की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाना है।
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- भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने 9 जुलाई 2026 को ऑस्ट्रेलिया–कनाडा–भारत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार साझेदारी की औपचारिक शुरुआत करते हुए त्रिपक्षीय तकनीकी सहयोग को नई दिशा दी।
- इस साझेदारी के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला तथा शुद्ध शून्य उत्सर्जन प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।
- इस पहल की घोषणा नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के नेताओं की बैठक के बाद की गई थी।
- भारत अपनी मजबूत डिजिटल अवसंरचना और नवाचार क्षमता, ऑस्ट्रेलिया अपने महत्वपूर्ण खनिज संसाधन तथा कनाडा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वच्छ प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता के माध्यम से साझेदारी को मजबूत करेगा।
- तीनों देश बैटरी, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रक्षा उद्योग के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित और विविध आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर मिलकर कार्य करेंगे।
- साझेदारी के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान, औद्योगिक परियोजनाएं, तकनीकी विकास तथा नवाचार आधारित सहयोग को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक आर्थिक विकास को मजबूत किया जाएगा।
- यह पहल स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, जलवायु अनुकूल विकास तथा शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों के विकास में भी सहयोग करेगी।
- इसके साथ ही भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2015 परमाणु सहयोग समझौते के अंतर्गत प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया, जिससे भारत के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए ऑस्ट्रेलिया से दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ।





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