भारत हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान को नई मजबूती देने के लिए कीलोंग में देश का पहला आईसीएमआर उच्च ऊंचाई चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र स्थापित करेगा।
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- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 11 जुलाई 2026 को कीलोंग में भारत के पहले आईसीएमआर उच्च ऊंचाई चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखेंगे।
- यह केंद्र भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा तथा वर्तमान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र को बहुविषयक अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
- संस्थान में उच्च ऊंचाई शरीर विज्ञान, अनुकूलन प्रक्रिया, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु से प्रभावित रोग, संक्रामक रोग, असंचारी रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा मानसिक स्वास्थ्य पर अनुसंधान किया जाएगा।
- दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दूरचिकित्सा, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली, ड्रोन आधारित चिकित्सा आपूर्ति तथा वास्तविक समय जनस्वास्थ्य निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
- सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लाहौल स्पीति जिले में स्थापित यह केंद्र उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जनजातीय समुदायों तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों पर दीर्घकालिक वैज्ञानिक अध्ययन करेगा।
- इस अनुसंधान से जनजातीय स्वास्थ्य, आपदा तैयारी, जलवायु अनुकूल स्वास्थ्य व्यवस्था तथा डिजिटल स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने में सहायता मिलने की संभावना है।
- संस्थान सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा।
- आधारशिला समारोह में भूमि पूजन, हिमालयी पौधों का रोपण, वैज्ञानिक प्रदर्शनी, केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ, परिचय चलचित्र और स्मारक डाक विशेष आवरण का विमोचन भी किया जाएगा।





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