भारत ने कोयंबटूर में मानव वन्यजीव संघर्ष उत्कृष्टता केंद्र तथा राष्ट्रीय मानव वन्यजीव संघर्ष पोर्टल की शुरुआत कर वन्यजीव संरक्षण, अनुसंधान और संघर्ष प्रबंधन को नई दिशा प्रदान की है।
BulletsIn
- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कोयंबटूर स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान–सलीम अली पक्षिविज्ञान एवं प्राकृतिक इतिहास केंद्र में मानव वन्यजीव संघर्ष उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया।
- इस अवसर पर राष्ट्रीय मानव वन्यजीव संघर्ष पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य देशभर में आंकड़ा प्रबंधन, ज्ञान साझा करने तथा वैज्ञानिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
- उत्कृष्टता केंद्र मानव वन्यजीव संघर्ष से संबंधित अनुसंधान, नवाचार, नीति सहयोग, क्षमता निर्माण तथा वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
- केंद्र विशेष रूप से हाथी, तेंदुआ, संरक्षित क्षेत्रों से बाहर रहने वाले बाघ तथा अन्य वन्यजीवों से जुड़े संघर्षों के समाधान के लिए क्षेत्र विशेष और प्रजाति विशेष रणनीतियां विकसित करेगा।
- राष्ट्रीय कार्यशाला में नीति निर्माता, वन अधिकारी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा संरक्षण क्षेत्र के विशेषज्ञों ने मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
- यह केंद्र उन्नत प्रौद्योगिकी, डिजिटल निगरानी, सामुदायिक भागीदारी, आधुनिक संरक्षण उपाय तथा वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाएगा।
- कार्यक्रम के दौरान भारत में मानव वन्यजीव संघर्ष की वर्तमान स्थिति शीर्षक से प्रकाशित पहली रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें वर्तमान परिस्थितियों, प्रवृत्तियों और उभरती चुनौतियों का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया गया।
- सरकार ने वैज्ञानिक अनुसंधान, जनजागरूकता, स्थानीय समुदायों की भागीदारी तथा विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयासों के माध्यम से मानव और वन्यजीवों के सहअस्तित्व को दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता का आधार बताया।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.