भारत के बंदरगाह क्षेत्र में वित्त वर्ष 2028 तक निरंतर वृद्धि की संभावना है, जिसमें कंटेनर यातायात व्यापार, अवसंरचना और परिवहन सुधारों के कारण सबसे बड़ा योगदान देगा।
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- एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच भारतीय बंदरगाहों पर कंटेनर यातायात 7-9% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान है।
- बढ़ती घरेलू खपत, मजबूत विनिर्माण गतिविधियां, व्यापार विस्तार तथा माल के अधिक कंटेनरीकरण से बंदरगाह क्षेत्र की वृद्धि को निरंतर समर्थन मिलने की संभावना है।
- बंदरगाह आधुनिकीकरण, बहुस्तरीय संपर्क व्यवस्था, क्षमता विस्तार तथा परिवहन अवसंरचना में सरकारी निवेश भारत को वैश्विक व्यापार और परिवहन केंद्र के रूप में मजबूत करेगा।
- घरेलू कोयला उत्पादन में वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार तथा आयात में कमी के कारण कोयला यातायात में 2-4% की चक्रवृद्धि वार्षिक गिरावट का अनुमान लगाया गया है।
- पेट्रोलियम, तेल तथा स्नेहक से संबंधित माल यातायात में स्थिर मांग के कारण 2-4% की मध्यम वार्षिक वृद्धि रहने की संभावना व्यक्त की गई है।
- इस्पात संयंत्रों तक तटीय परिवहन बढ़ने तथा घरेलू कीमतों में वृद्धि के कारण लौह अयस्क यातायात 5-7% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर्ज कर सकता है।
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने लगभग 915 मिलियन मीट्रिक टन माल का संचालन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7% अधिक रहा।
- रिपोर्ट के अनुसार नीतिगत समर्थन, अवसंरचना विकास तथा बढ़ते वैश्विक व्यापार से भारत का समुद्री परिवहन क्षेत्र और अधिक प्रतिस्पर्धी तथा मजबूत बनने की संभावना है।





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