वहाबी आंदोलन की शुरुआत 1820 के आसपास रायबरेली में सैयद अहमद ने की थी। इसका उद्देश्य इस्लाम की शुद्धता को पुनर्स्थापित करना और ब्रिटिश तथा सिख प्रभाव का विरोध करना था। यह आंदोलन बाद में ब्रिटिश शासन के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया, जिसे 1870 के दशक तक दमनात्मक उपायों से समाप्त कर दिया गया।













