गुजरात ने ₹190 करोड़ की लागत से आईआईटी गांधीनगर में प्रोजेक्ट समर्थ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर निर्माण, अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
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- प्रोजेक्ट समर्थ अर्थात सिलिकॉन एवं उन्नत सेमीकंडक्टर विनिर्माण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना आईआईटी गांधीनगर में ₹190 करोड़ की लागत से की जा रही है।
- यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा आईआईटी गांधीनगर की संयुक्त परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
- केंद्र में तकनीशियनों, परिचालकों, अभियंताओं तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों में कार्य करने के लिए तैयार हो सकें।
- आगामी 5 वर्षों में लगभग 10,000 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें विद्यार्थी, शोधार्थी, तकनीशियन तथा अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के प्रतिभागी शामिल होंगे।
- यह केंद्र स्वदेशी अनुसंधान, उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं, विशेष सेमीकंडक्टर उपकरणों तथा नई प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- आईआईटी गांधीनगर आधुनिक उपकरणों की स्थापना कर रहा है तथा गुजरात के विभिन्न अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के साथ समझौते कर प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार करेगा।
- एल एंड टी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज इस पहल के अंतर्गत अनुसंधान, कौशल विकास, नवाचार तथा उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान कर रही है।
- यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को गति देते हुए भविष्य के चिप विनिर्माण उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।





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