संविधान के 103वें संशोधन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण प्रदान किया गया।
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- केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण देने हेतु 124वां संविधान संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत किया था।
- इस संशोधन के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में शिक्षा तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण संबंधी नए प्रावधान जोड़े गए।
- ईडब्ल्यूएस आरक्षण केवल आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों पर लागू होता है तथा इसमें एससी, एसटी और ओबीसी शामिल नहीं हैं।
- शिक्षा संस्थानों में यह आरक्षण निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों पर भी लागू होता है, जबकि अल्पसंख्यक संस्थान इससे बाहर रखे गए हैं।
- ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू होने के बाद भारत में कुल आरक्षण प्रतिशत पहले की 49.5% सीमा से अधिक हो गया था।
- संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा ने विशेष बहुमत के साथ इस संविधान संशोधन विधेयक को पारित किया था।
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 12 जनवरी 2019 को संविधान का 103वां संशोधन अधिनियम बना।
- समर्थकों ने इसे आर्थिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि आलोचकों ने मेरिट और आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाए।





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