28 जनवरी 1950 को स्थापित भारत का सर्वोच्च न्यायालय अपने 75 वर्षों की यात्रा पूरी कर चुका है। 2024 के आयोजनों में नया ध्वज-चिह्न, स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किए गए। न्यायालय ने अपनी ऐतिहासिक और निर्णायक भूमिकाओं के माध्यम से भारत की संवैधानिक व्यवस्था और न्यायिक दर्शन को गहराई से आकार दिया है।













