भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों ने पहली बार सूर्य के दृश्य सतह (फोटोस्फीयर) में हीलियम की सटीक मात्रा का अनुमान लगाया है। यह उपलब्धि एक लंबे समय से चली आ रही खगोलशास्त्रियों की चुनौती को हल करती है, क्योंकि दृश्य सतह पर हीलियम की स्पेक्ट्रल लाइनें नहीं दिखाई देतीं। यह अध्ययन Astrophysical Journal में प्रकाशित हुआ है।
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- सूर्य की दृश्य सतह से हीलियम का सटीक अनुमान पहली बार
- कार्य भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों द्वारा
- पहले के अनुमान अप्रत्यक्ष तरीकों पर आधारित थे
- फोटोस्फीयर में हीलियम की स्पेक्ट्रल लाइनें नहीं दिखतीं
- मैग्नीशियम, कार्बन और उनके हाइड्रोजेनेटेड अणुओं का उपयोग
- उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्पेक्ट्रम मॉडलिंग से नई तकनीक अपनाई
- अध्ययन का नेतृत्व सत्यजीत मोहराना ने किया, जो अब दक्षिण कोरिया में पीएचडी कर रहे हैं
- सह-लेखक: बी.पी. हेमा और गजेन्द्र पांडेय
- यह अध्ययन सूर्य की अपारदर्शिता समझने में सहायक
- Astrophysical Journal में प्रकाशित, सौर विज्ञान में योगदान





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