Alfred the Great ने 883 ईस्वी में भारत के लिए एक दूतावास भेजा था, ऐसा Anglo-Saxon Chronicle में उल्लेख मिलता है, जहाँ संत थॉमस और संत बार्थोलोम्यू के तीर्थस्थलों पर दान भेजा गया।
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- एंग्लो-सैक्सन क्रॉनिकल के अनुसार, अल्फ्रेड ने 883 ईस्वी में सिगेहेल्म और एथेलस्टन को भारत भेजा।
- यह मिशन वाइकिंग्स के खिलाफ युद्ध के दौरान किए गए एक व्रत से जुड़ा था।
- दूतों को भारत में संत थॉमस और संत बार्थोलोम्यू के तीर्थस्थलों पर दान देना था।
- यह घटना मध्यकालीन यूरोप और भारत के बीच संभावित संपर्क को दर्शाती है।
- 12वीं सदी के इतिहासकार विलियम ऑफ माल्म्सबरी और जॉन ऑफ वॉर्सेस्टर ने भी इसका उल्लेख किया।
- माना जाता है कि सिगेहेल्म भारत पहुँचे और बाद में इंग्लैंड लौट आए।
- वापसी के बाद उन्हें शेरबोर्न का बिशप बनाया गया।
- विलियम ऑफ माल्म्सबरी ने इस यात्रा को “अद्भुत उपलब्धि” बताया।
- इतिहासकार इस यात्रा की सत्यता और व्यवहार्यता पर बहस करते हैं।
- यह घटना मध्यकालीन धार्मिक यात्राओं और संपर्कों के महत्व को दर्शाती है।
- यह यूरोप और भारत के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों की संभावना को भी दर्शाती है।





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