अग्निकुल कॉसमॉस मिशन 02 की तैयारी कर रहा है, जिसका उद्देश्य भारत का पहला निजी क्षेत्र का ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट स्टेज रिकवरी मिशन पूरा करना है। इस मिशन में अग्निबाण रॉकेट के पहले चरण (फर्स्ट-स्टेज बूस्टर) को नियंत्रित अवतरण (Controlled Descent) और समुद्र में रिकवरी के माध्यम से पुनः प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
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- अग्निकुल कॉसमॉस मिशन 02 की तैयारी कर रहा है।
- यह मिशन भारत का पहला निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट स्टेज रिकवरी प्रयास होगा।
- इस मिशन में अग्निबाण छोटे उपग्रह प्रक्षेपण रॉकेट का उपयोग किया जाएगा।
- पहले चरण (फर्स्ट-स्टेज बूस्टर) को नियंत्रित अवतरण के बाद समुद्र में रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा।
- मिशन का उद्देश्य रॉकेट पुनः उपयोग (Rocket Reusability) का परीक्षण करना है।
- ऊपरी चरण (Upper Stage) पेलोड छोड़ने के बाद भी कार्य करता रहेगा।
- अग्निकुल ने कन्वर्टिबल अपर-स्टेज आर्किटेक्चर विकसित किया है।
- इस तकनीक के लिए कंपनी के पास भारत, अमेरिका और यूरोप में पेटेंट हैं।
- यह अपर-स्टेज लंबे समय तक कक्षा (Orbit) में संचालन के लिए बनाया गया है।
- पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ अग्निकुल के बोर्ड में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुए हैं।
- कंपनी ने नवंबर 2025 में 17 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग जुटाई थी।
- उस समय कंपनी का मूल्यांकन 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
- अग्निकुल का अनुमान है कि रॉकेट पुनः उपयोग से प्रक्षेपण लागत में 80% तक कमी आ सकती है।
- यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





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