ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने के उद्देश्य से नाबार्ड ने अपने 45वें स्थापना दिवस पर ‘ग्रामोदय’ कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल कौशल विकास, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उद्यम स्थापना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
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- नाबार्ड ने अपने 45वें स्थापना दिवस पर ग्रामीण युवाओं के लिए तीन वर्षीय प्रायोगिक ‘ग्रामोदय’ कार्यक्रम शुरू किया, जिसका लक्ष्य लगभग 4,000 नए ग्रामीण उद्यमियों को तैयार करना है।
- यह कार्यक्रम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डिजिटल आधारित मिश्रित प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों तक प्रशिक्षण और सहायता पहुंच सकेगी।
- ग्रामोदय कार्यक्रम नाबार्ड और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की संयुक्त पहल है, जबकि इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी औद्योगिक विकास संस्थान को सौंपी गई है।
- प्रतिभागियों को मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, परामर्श, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और नया उद्यम स्थापित करने में व्यापक सहायता प्रदान की जाएगी।
- कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित और गैर कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन तथा स्थानीय आर्थिक विकास को गति देना है।
- यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार तथा उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
- नाबार्ड की स्थापना वर्ष 1982 में कृषि और ग्रामीण विकास के शीर्ष विकास बैंक के रूप में की गई थी तथा यह संस्था ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का संचालन करती है।
- ग्रामोदय कार्यक्रम के माध्यम से कौशल विकास, ऋण सुविधा, बाजार संपर्क और उद्यम स्थापना को एकीकृत कर ग्रामीण उद्यमिता का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।





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