उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत जिला राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित की गई है जो उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करती है
BulletsIn
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत जिला राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की तीन स्तरीय संरचना स्थापित की गई है
- राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में एक अध्यक्ष और 4 से 11 सदस्य होते हैं जिनमें कम से कम एक महिला सदस्य होना आवश्यक है
- अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति केंद्रीय सरकार द्वारा चयन समिति की सिफारिश पर की जाती है जिसमें उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश शामिल होते हैं
- अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 4 वर्ष या अध्यक्ष के लिए 70 वर्ष और सदस्यों के लिए 67 वर्ष की आयु तक होता है
- राष्ट्रीय आयोग को 2 करोड़ से अधिक मामलों में मूल अधिकारिता तथा राज्य आयोग के निर्णयों पर अपीलीय और पुनरीक्षण अधिकार प्राप्त है
- राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग 50 लाख से 2 करोड़ तक के मामलों की सुनवाई करता है और जिला आयोग के निर्णयों पर अपील सुनता है
- जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग 50 लाख तक के मामलों की सुनवाई करता है और उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर न्याय प्रदान करता है
- केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण अनुचित व्यापार प्रथाओं और भ्रामक विज्ञापनों को नियंत्रित कर उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.