सिख राज्य की शुरुआत 15वीं शताब्दी के अंत में गुरु नानक द्वारा हुई। गुरु गोबिंद सिंह के समय यह सैन्य शक्ति बना और महाराजा रणजीत सिंह के शासन में अपने चरम पर पहुँचा। 1839 में रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद आंतरिक संघर्षों से साम्राज्य कमजोर हुआ और 1858 तक ब्रिटिश नियंत्रण में चला गया।
BulletsIn
- 15वीं शताब्दी के अंत में गुरु नानक ने सिख धर्म की स्थापना की
- गुरु हरगोबिंद ने सिखों को सैन्य रूप दिया
- गुरु गोबिंद सिंह के नेतृत्व में सिख राजनीतिक और सैन्य शक्ति बने
- सिख जत्थे बने, बाद में मिसलें बनीं, दल खालसा का गठन हुआ
- मिसलों की लोकतांत्रिक व्यवस्था समय के साथ कमजोर हुई
- महाराजा रणजीत सिंह ने सेना को आधुनिक बनाया, संस्कृति और समृद्धि को बढ़ावा दिया
- 1809 की अमृतसर संधि से अंग्रेजों के साथ राजनीतिक मोड़ आया
- 1839 में रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद साम्राज्य कमजोर हुआ
- 1845 में सतलुज पार करने से पहला आंग्ल-सिख युद्ध शुरू हुआ
- 1858 तक पंजाब ब्रिटिश भारत में मिला दिया गया





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.