बाहरी राज्य और गैर-राज्यीय तत्वों की भूमिका ने भारत की आंतरिक सुरक्षा को जटिल बना दिया है, जिससे यह UPSC परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन गया है। शिमला समझौता, अटारी-वाघा सीमा प्रबंधन, और वैश्विक महामारी संधि जैसे विषय घरेलू स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जुड़ाव को दर्शाते हैं।
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• बाहरी राज्य तत्व सीमापार कमजोरियों का फायदा उठाकर अस्थिरता फैलाते हैं।
• गैर-राज्यीय तत्व (आतंकी समूह, साइबर हमलावर) आंतरिक शांति बिगाड़ते हैं।
• शिमला समझौता ने भारत-पाक संघर्ष प्रबंधन की दिशा तय की।
• अटारी-वाघा सीमा से निगरानी और घुसपैठ रोकथाम में मदद मिलती है।
• वैश्विक महामारी संधि भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा तैयारियों को प्रभावित करती है।
• सार्क वीजा छूट योजना (SVES) क्षेत्रीय आवाजाही और सुरक्षा संतुलन से जुड़ी है।
• एस्केलेशन लैडर से संघर्ष बढ़ने की प्रक्रिया समझने में मदद मिलती है।
• सीमापार घुसपैठ भारत के सीमावर्ती राज्यों के लिए लगातार खतरा।
• उम्मीदवारों को बाहरी कार्रवाइयों और आंतरिक कमजोरियों के बीच संबंध स्थापित करना चाहिए।





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